उपेक्षा
वसंत की तीव्र तरल
ऊर्जा के ताप से
शीत की बेड़ियों को तोड़कर
पल्लवित-पुष्पित हो रहे
अर्जुन-भीम ये पादप ।
नयी सृष्टि को उत्सुक,
अजस्र गरिमा को धारण किये
कर्ण और दधीचि बने
जोड़ते परम्परा को
सृष्टि के क्रम को
जिसकी उपेक्षा करता आ रहा
सदियों से आधुनिक मानव ।
-नियति न्यास
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